इंदौर ब्रिक्स सम्मेलन: दुनिया के पांच बड़े देशों ने एक साथ मिलकर इतिहास बनाया
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के समापन अवसर पर दुनिया के पांच बड़े देशों के नेताओं ने एक साथ मिलकर इतिहास बनाया। इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन, चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने भाग लिया।
ब्रिक्स सम्मेलन के पीछे की कहानी
ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत 2006 में हुई थी, जब भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, और ब्राजील ने एक साथ मिलकर इस समूह की स्थापना की थी। इस समूह का मुख्य उद्देश्य दुनिया के विकासशील देशों के हितों की रक्षा करना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
ब्रिक्स सम्मेलन के समापन अवसर पर ग्रुप फोटो
इंदौर में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के समापन अवसर पर ग्रुप फोटो में दुनिया के पांच बड़े देशों के नेताओं ने एक साथ मिलकर इतिहास बनाया। इस फोटो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन, चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने एक साथ मिलकर खुशी और उत्साह का प्रदर्शन किया।
ब्रिक्स सम्मेलन के परिणाम
ब्रिक्स सम्मेलन के परिणाम बहुत ही सकारात्मक रहे। इस सम्मेलन में दुनिया के पांच बड़े देशों ने एक साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इन निर्णयों में से एक महत्वपूर्ण निर्णय यह था कि ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए एक नई पहल की जाएगी। इसके अलावा, इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों ने एक साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।
आगे क्या होगा?
ब्रिक्स सम्मेलन के समापन अवसर पर ग्रुप फोटो के बाद, अब दुनिया के पांच बड़े देशों के नेताओं को अपने देशों में वापस जाना होगा। लेकिन इस सम्मेलन के परिणामों को बढ़ावा देने के लिए, ब्रिक्स देशों के नेताओं ने एक साथ मिलकर एक नई पहल की है। इस पहल के तहत, ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, ब्रिक्स देशों ने एक साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर भी काम करने का फैसला किया है।
स्रोत: हिन्दुस्थान समाचार